धोनी के करियर की 5 बड़ी पारियां, जो आज भी है फैंस के जेहन में ताजा

धोनी के करियर की 5 बड़ी पारियां, जो आज भी है फैंस के जेहन में ताजा Image Source : GETTY IMAGES

भारतीय क्रिकेट को फर्श से अर्श तक पहुँचाने वाले टीम इंडिया के कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धोनी एक मात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने भारत को आईसीसी के हर एक टूर्नामेंट जैसे कि आईसीसी 2007 टी20 विश्वकप, आईसीसी 2011 वनडे विश्वकप और उसके बाद आईसीसी 2013 चैम्पियंस ट्रॉफी में भारत को खिताबी जीत दिलाई है। जब धोनी ने क्रिकेट के मैदान में साल 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ सौरव गांगुली की कप्तानी में डेब्यू किया था तब किसी ने नहीं सोचा था ये खिलाड़ी विश्व क्रिकेट में इस तरह अपना एक अलग इतिहास लिख देगा। अपने शुरूआती दिनों में धोनी अपने लंबे - लंबे बाल और गगनचुम्बी छक्कों की बरसात करने के लिए जाने जाते थे। हलांकि बाद में धोनी वनडे क्रिकेट के सबसे बेहतरीन गेम रीडर बनकर उभरे और मैच को अंत तक ले जाकर खत्म करने की कला के चलते भारत के सबसे बड़े फिनिशर बनकर भी उभरें। धोनी अब भले ही टीम इंडिया की जर्सी में नजर न आए लेकिन उनके बल्ले से निकली शानदार पारियां क्रिकेट प्रेमियों के जेहन में आज भी ताजा हैं। आइए जानते हैं धोनी के करियर की 5 बड़ी पारियों के बारे में......

आईसीसी विश्वकप 2011 फाइनल

महेंद्र सिंह धोनी की जब भी अहम पारियों को याद किया जाएगा तो उसमे 2011 विश्वकप फ़ाइनल में धोनी द्वारा खेली गई 91 रनों की अहम पारी सभी फैंस के दिलों में जिंदा रहेगी। जिसके चलते टीम इंडिया ने साल 1983 के 28 साल बाद विश्वकप पर कब्ज़ा जमाया था। इस मैच में श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 275 रनों का लक्ष्य रखा था। जिसके जवाब में भारत की तरफ से गौतम गंभीर ने 97 तो धोनी ने भी 91 रनों की कप्तानी पारी खेलकर भारतीय क्रिकेट को सुनहरे पल दिए थे।

श्रीलंका के खिलाफ 183 रनों की पारी

महेंद्र सिंह धोनी ने ज्यादातर क्रिकेट के मैदान में 'फिनिशर' का रोल अदा किया है। इस लिहाज से उनके वनडे करियर में बहुत ही कम लम्बी - लम्बी पारियां रहीं हैं। उनके करियर के शुरूआती दिनों में श्रीलंका के खिलाफ 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मान सिंह क्रिकेट स्टेडियम में धोनी नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने उतरें। इस तरह धोनी ने मैदान में आते ही अपनी तूफानी बल्लेबाजी से मैदान के चारो ओर चौके - छक्के बरसाते हुए। 145 गेंदों में नाबाद 183 रन बना डाले। इस तरह ये धोनी के अभी तक के करियर की बेस्ट पारी है। जिसमें उन्होंने 15 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के भी जड़े थे। श्रीलंका के खिलाफ  299 के रनों का पीछा करते हुए धोनी को इस पारी के लिए ‘मैन ऑफ द मैच’ का अवार्ड भी दिया गया था।

पाकिस्तान के खिलाफ 148 रनों की तूफानी पारी

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी मैच होता है दर्शकों का रोमांच चरम पर होता है। इतना है नहीं इन दोनों के बीच मैच में खिलाड़ियों के बीच तनाव भी अपन चरम पर होता है रो हर एक खिलाड़ी अपना शत - प्रतिशत देना चाहता है। इसी कड़ी में धोनी ने जब टीम इंडिया में कदम ही रखा था तभी साल 2005 में पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी। जिसमे 5 मैचों की सीरीज के विशाखापत्तनम में खेले गए दूसरे मैच में धोनी ने 3 नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए बेहतरीन 123 गेंदों में 148 रनों की विशाल पारी खेली थी। जिस पारी से सभी धोनी की बल्लेबाजी और उनके लंबे - लंबे बालों के फैन हो गए थे। इस पारी में धोनी ने 15 चौके और 4 छक्के लगाये थे।

ट्राई सीरीज में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 45 रनों की पारी

2013 में टीम इंडिया और श्रीलंका ने त्रिनिदाद में खेली गई ट्राई सीरीज के फ़ाइनल में जगह बनाई थी। इस मैच में श्रीलंका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत को चुनौतीपूर्ण 201 रनों का लक्ष्य दिया था। जिसके जवाब में टीम इंडिया के महज 182 रनों पर 9 विकेट गिर चुके थे। तभी एक छोर पर खड़े कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हर हाल में जीत चाहते थे। इस तरह अंतिम ओवर में भारत को जीत के लिए 15 रन चाहिए थे। तभी धोनी स्ट्राइक पर थे पर उन्होंने अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर छक्का, तीसरी पर चौका और चौथी गेंद पर एक और छक्का लगाकर टीम इंडिया को रोमांचक जीत दिलाई थी। इसलिए धोनी 52 गेंदों में खेली गई 45 रनों की ख़ास पारी को इस लिस्ट में जगह दी गई है। जो हमेशा उनके करियर की शानदार पारियों में गिनी जाएगी।

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में दोहरा शतक

कई दशकों तक क्रिकेट में अपनी जीत वर्चस्व कायम रखने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट में अपनी पारी से मात दी थी। साल 2013 में चेन्नई में बॉर्डर गावस्कर टेस्ट सीरीज खेलने आई ऑस्ट्रेलियाई टीम के पहले मुकाबलें में ही धोनी ने उन पर जोरदार हमला बोला। सीरीज के पहले चेन्नई टेस्ट में धोनी ने नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 265 गेंदों में 224 रनों की धमाकेदार टेस्ट पारी खेली। जिसमें उन्होंने 24 चौके और 6 छक्के जड़े थे। इस तरह धोनी के टेस्ट क्रिकेट में पहले दोहरे शतक की बदौलत टीम इंडिया ने ये मैच 8 विकेट से जीता था। जबकि वो टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में बतौर विकेटकीपर सबसे तेज दोहरा शतक लगाने वाले पहले खिलाड़ी भी बने।



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